शिश्नमल

शिश्नमल अक्सर अस्वच्छ शिश्नमुंड के ऊपर जमा हुआ दिखाई देता है। यह कुछ सफेदी लिए हुए सलेटी रंग का होता है और इसमें कुछ बैक्टीरिया होते हैं। क्रोनिक शिश्नमल चिरकारी (बार-बार लगातार) की उपस्थिति शिश्न के कैंसर से जुड़ी हुई है। जिन रोगियों को निरुध्दप्रकाश (फाईमोसिस) हो उनमें इससे बार-बार संक्रमण होता है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता को लोगों को शिश्न पर से शिश्नमल हटाकर उसे साफ रखने के बारे में जानकारी देनी चाहिए।