सूर्य नमस्कार


सूर्य नमस्कार एक पूर्ण व्यायाम है। इसे करने से शरीर के सभी हिस्सों की एक्सर्साइज हो जाती है, साथ ही शरीर में फ्लेक्सिबिलिटी भी आती है। सुबह के समय खुले में उगते सूरज की ओर मुंह करके सूर्य नमस्कार करने से अधिक लाभ होता है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और विटामिन डी मिलता है। वजन और मोटापा घटाने में भी सूर्य नमस्कार लाभदायक होता है। सूर्य नमस्कार में कुल 12 आसन होते हैं जिनका शरीर पर अलग-अलग तरह से प्रभाव पड़ता है।

इसे करने के लिए सबसे पहले दोनों हाथ जोड़कर सीधे खड़े हों। फिर सांस को भरते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर कानों से सटाते हुए लाएं और शरीर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। अब सांस को बाहर छोड़ते हुए तथा हाथों को सीधे रखते हुए आगे की ओर झुकें और अपने हाथों को पैरों के दांये-बांये जमीन से छुलाएं। लेकिन ध्यान रखें कि इसे करते समय घुटने सीधे ही रहें। अब सांस भरते हुए सीधे पैर को पीछे ले जाएं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं। कुछ समय तक इस स्थिति में रुकें और फिर सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए उल्टे पैर को भी पीछे ले जाएं व दोनों पैर की एड़ियों को मिलाकर शरीर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें।

इसके बाद सांस भरते हुए नीचे आएं और फिर लेट जाएं। इसके बाद शरीर के ऊपरी भाग को उठाएं और गर्दन को पीछे की ओर लाते हुए पूरे शरीर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें व कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रुके रहें। और फिर पीठ को ऊपर उठाएं और सिर को झुका लें और एड़ी को जमीन से लगाएं।

दोबारा चौथी वाली प्रक्रिया को अपनाएं लेकिन इस बार दांएं पैर को आगे लाएं व गर्दन को पीछे की ओर झुकाते हुए स्ट्रेच करें। अब बांये पैर को वापस लाएं और दाएं के बराबर में रखते हुए तीसरी स्थिति में आएं अर्थात घुटनों को सीधे रखते हुए हाथों से पैरों के दाएं-बाएं जमीन से छुलाएं। इसके बाद सांस भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाकर खडे हों और पीछे की ओर स्ट्रेच करते हुए फिर दूसरी स्थित में आ जाएं। और फिर से पहली वाली स्थिति में आएं। शुरुआत में 4 से 5 बार करना शुरु कर धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 12 से 15 बार तक ले जाएं।


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