कपालभाती प्राणायाम योग


मस्तिष्क के अगले भाग को कपाल कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांस को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ते समय पेट को अंदर की ओर धकेलने का प्रयास करें। लेकिन ध्यान रहे कि श्वास लेना नहीं है क्योंकि इस क्रिया में श्वास खुद ही भीतर चली जाती है। यह प्राणायाम का नियमितच अभ्यास करने से न सिर्फ मोटापे की समस्या दूर होती है बल्कि चेहरे की झुर्रियां और आंखों के नीचे का कालापन दूर होता है और चेहरे की चमक बढ़ाता है। इसके अभ्यास से दांतों और बालों के सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं। कब्ज, गैस, एसिडिटी की समस्या में लाभ होता है। शरीर और मन के सभी प्रकार के नकारात्मक भाव और विचार दूर होते हैं।

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