कपाल भाति प्राणायाम




यह सांस लेने संबंधी प्राणायाम का ही एक रूप है जो शरीर में ऑक्सिजन ले जाने और पेट की पेशियों को मज़बूत करने का काम करता है। यह पेट की चर्बी को कम करता है और पाचन शक्ति को दुरुस्त करता है।

आसन विधि: कपाल भाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन,सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठिए। इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकिए। साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करे। तत्पश्चात तुरन्त नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचते है और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते है। इस क्रिया को शक्ति व आवश्यकतानुसार50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते है, किन्तु एक क्रम में 50 बार से अधिक न करे। क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं। कम से कम 5 मिनट एवं अधिकतम 30 मिनट। इस तरह सांस लेने के बाद आप शुरुआत में आप पेट की पेशियों के आस-पास सूजन सा महसूस करेंगे पर परेशान न हों, ये तात्कालिक व सामान्य है।

ध्यान दें: अगर आप उच्च रक्तचाप के मरीज़ हैं या हार्निया अथवा ह्रदय संबंधी मर्जों से जूझ रहे हैं तो यह आसन न करें।


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