आत्माओं का रहस्य


शरीर से निकलने के बाद सैकड़ांे वर्ष तक आत्मायें वायुमंडल में विचरण करती रहती हैं, क्योंकि वह पुनः गर्भ में जाने के इच्छुक नहीं होती या किसी ऐसे गर्भ में जन्म लेने को उत्सुक होते हैं जो उनका मनोवांछित हो। उदाहरण के लिए अधिकांश आत्मायें तो जन्म ही नहीं लेना चाहती क्योंकि उन्होंने गर्भ में या गर्भ के बाहर जो कुछ भोगा है वह ज्यादा सुखकर नहीं होता है। अगर वे जन्म भी लेना चाहें तो किसी ऐसे गर्भ की खोज में रहतें है जो सभी दृष्टियों से सुखी एवं सम्पन्न हों, तथा उन्हें खुलकर कार्य करने का मौका मिले, पर ऐसा संयोग से ही प्राप्त हो पाता है। क्या मनोवांछित आत्माओं से बातचीत किया जा सकता है ? मनोवांछित आत्माओं से संपर्क स्थापित कर उनसे बातचीत किया जा सकता है। यह कार्य थोड़ा कठिन है पर असंभव नहीं। आत्माओं के इस भीड़ में मनोवांछित आत्माओं को ढूंढ निकालना उतना ही कठिन कार्य है, जितना कि दिल्ली जैसे महानगरों में किसी इच्छित व्यक्ति को बिना पता के ढूंढ निकालना। परन्तु हिमालय के कुछ विशिष्ट योगियों एवं कुछ ज्ञाताओं एवं मनोवैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च एवं प्रेक्टिकल के द्वारा कुछ ऐसी विधियाँ ढूंढ निकाले हैं जिससे सामान्य व्यक्ति अथवा उच्च कोटि का साधक मनोवांछित आत्माओं से संपर्क स्थापित कर सकता है। इस बात को मानने के लिए नास्तिक एवं अंधविश्वासी जन ही शामिल नहीं है बल्कि बड़े-बड़े वैज्ञानिकों को भी नतमस्तक होकर यह स्वीकारना पड़ता है कि वास्तव में ही भूत-प्रेतों व आत्माओं का अस्तित्व इस ब्राह्मांड में विद्यमान है। आजकल ऐसे सैकड़ों आश्चर्यजनक करिश्में गावों और शहरों में देखने को मिल जाएंगे, जो भूत-प्रेतों और आत्माओं से संबंधित होते हैं। यदि किसी युक्ति द्वारा आत्माओं से संपर्क स्थापित कर लिया जाये तो निश्चय ही आश्चर्यजनक तथ्य हाथ लगते हैं। किसी भी आत्मा से संपर्क स्थापित कर उसके जीवन के उन रहस्यों को जाना जा सकता है। जो किसी कारण वश वह व्यक्ति किसी से बता नहीं पाया हो। इसी तरह अपने मृत पूर्वजों माता-पिता भाई बहन प्रेमी-प्रेमिका से संपर्क स्थापित कर उन रहस्यों का पता लगाया जा सकता है।

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