कुंडली से जाने नौकरी के योग


दशम भाव:कारक

पेशे, प्रसिद्धि, बिजली, स्थिति, अधिकार, सम्मान, सफलता, स्थिति, घुटनों, चरित्र, कर्म, जीवन, पिता, वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार में स्वयं और वरिष्ठ अधिकारियों, सफलता के बीच संबंध, पदोन्नति, सरकार से मान्यता राज्य, व्यापार, नौकरी, प्रशासनिक स्तर, मान-सम्मान, सफलता, सार्वजनिक जीवन, घुटने, संसद, विदेश व्यापार, आयात-निर्यात, विद्रोह

दूसरा हाउस:कारक धन, परिवार, भाषण, दाहिनी आंख, नाखून, जीभ, नाक, दांत, महत्वाकांक्षा, भोजन, कल्पना, धोखाधड़ी आभूषण, कुटुंब, वाणी विचार, धन की बचत, सौभाग्य, लाभ-हानि, आभूषण, दृष्टि, दाहिनी आँख, स्मरण शक्ति, नाक, ठुड्डी, दाँत, कला, सुख, गला, कान, सूर्य :आत्मा, स्वास्थ्य, पिता, शक्ति, रॉयल्टी, सत्ता, शोहरत, नाम, साहस, विरासत, चिकित्सा, प्रतिष्ठा, ताकत, , ज्ञान इच्छाशक्ति, ऊर्जा,सौभाग्य ,

फलादेश कैसे करते है

- जो ग्रह अपनी उच्च, अपनी या अपने मित्र ग्रह की राशि में हो - शुभ फलदायक होगा।

- इसके विपरीत नीच राशि में या अपने शत्रु की राशि में ग्रह अशुभफल दायक होगा।

- जो ग्रह अपनी राशि पर दृष्टि डालता है, वह शुभ फल देता है।

-त्रिकोण के स्वा‍मी सदा शुभ फल देते हैं।

- क्रूर भावों (3, 6, 11) के स्वामी सदा अशुभ फल देते हैं।

- दुष्ट स्थानों (6, 8, 12) में ग्रह अशुभ फल देते हैं।

- शुभ ग्रह केन्द्र (1, 4, 7, 10) में शुभफल देते हैं, पाप ग्रह केन्द्र में अशुभ फल देते हैं।

-बुध, राहु और केतु जिस ग्रह के साथ होते हैं, वैसा ही फल देते हैं।

- सूर्य के निकट ग्रह अस्त हो जाते हैं और अशुभ फल देते हैं।

सूर्य के उपाय

आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करे 3 बार सूर्य के सामने

ॐ घृणी सूर्याय नमः का कम से कम 108 बार जप कर ले

गायत्री का जप कर ले

घर की पूर्व दिशा से रौशनी आयेगी तो अच्छा रहेगा ।

घर में तुलसी का पौधा जरूर लगा दे

पिता की सेवा

शराब और मांसाहार न खिलाये

शिवजी ,पीपल के उपाय।

नोट -ज्योतिषि को अपनी कुंडली दिखाइए।


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