शिक्षा में सफलता


यदि पंचम स्थान का स्वामी बुध हो और वह किसी शुभ ग्रह के साथ हो, यदि शुभ ग्रह दृष्ट हो, यदि बुध उच्च राशि में हो, यदि बुध पंचमस्थ हो, पंचमेश जिस नवांश में हो, उसका स्वामी केद्र्रगत हो और शुभ ग्रह से दृष्ट हो इन योगों में से किसी भी योग के रहने से जातक समझदार, बुद्धिमान (इंटैलीजैंट) होता है। चतुर्थ भाव से सामान्य शिक्षा, नवम भाव से उच्च शिक्षा या तकनीकी क्षेत्र से संबंधित शिक्षा एवं एकादश (लाभ) भाव से शिक्षा प्राप्ति तथा शिक्षा में सफलता जानी जाती है।

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