परिचय




आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती है करियर का निर्माण। सही विषय के चयन में थोड़ी-सी भी चूक आपकी मंजिल को आपसे कोसों दूर ले जाती है। इसलिए करियर के शुरूआती दिनों में ही कुंडली पर जरूर गौर करना चाहिए। कुंडली के द्वितीय व चतुर्थ भाव से शिक्षा का व पंचम भाव से बु़िद्ध व स्मरण शक्ति का विचार किया जाता है। दशम भाव से विद्या, यश का विचार किया जाता है। कम्पीटीशन टैस्ट में उत्तीर्ण होने अथवा न होने का विचार दशम स्थान से होता है। करियर निर्धारण में कुंडली के द्वितीय, चतुर्थ, पंचम, सप्तम व दशम भाव विचारणीय हैं।

और पढ़ें

2017 मिर्ची फैक्ट्स.कॉम