सप्तम भाव में शनि




सप्तमेश जन्म लग्न से 6, 8, 12वें भाव में हो अथवा नीच, शत्रुक्षेत्रीय या अस्त हो तो वैवाहिक जीवन में तनाव पैदा होगा। सप्तम भाव में शनि पार्टनर को नीरस बनाता है, मंगल से तनाव होता है, सूर्य आपस में मतभेद पैदा करता है। सप्तम भाव में बुध-शनि दोनों नपुंसक ग्रहों की युति व्यक्ति को भीरू (डरपोक) तथा निरुत्साही बनाते हैं। यदि इन ग्रह स्थितियों के कोई अन्य परिहार (काट) अथवा उपाय जन्मकुंडली में उपलब्ध नहीं हों तो विवाह नहीं करें।

और पढ़ें

2017 मिर्ची फैक्ट्स.कॉम