बारहवां भाव


द्वादस यानी बारहवां भाव माना जाता है उसका स्वामी भी वृहस्पति को बनाया गया जो के नवं भाग्य और धरम का भी स्वामी है उसका सन्देश यही है के अच्छे कर्म करते रहने से ही मोक्ष की प्राप्ति होगी और ये भाव खर्च का भी बनता है जो यही सन्देश देता है की अच्छे कामों में हमें अपना धन लगाना चाहिए और इस संसार में प्रथम भाव के रूप में जनम लेने के बाद सांसारिक जिम्मेदारियों का अच्छे रूप से निर्वहन करने के बाद मोक्ष की प्राप्ति की और कदम बढ़ाने चाहियें तभी हमारा जीवन में आने का असली मकसद पूरण हो पायेगा,

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