कुंडली में एक प्रकार के ग्रहण दोष




ग्रहण दोष दो प्रकार के होते है सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण ! सूर्य ग्रहण का उपाय उस समय किया जाता है जब सूर्य ग्रहण का मध्य काल हो और चन्द्र ग्रहण का उपाय चन्द्र ग्रहण में किया जाता है ! यहाँ मै सूर्य ग्रहण का उपाय बता रहा हूँ जो आप सूर्य ग्रहण के मध्य काल में कर सकते है ! इस उपाय से राहू चन्द्र के घर में चला जाता है और शांत हो जाता है और पिता के सुख और मान सम्मान में वृद्धि करता है ! सरकार की तरफ से लाभ मिलता है और सूर्य का शुभ फल प्राप्त होता है !

1.यदि लग्न में राहू हो या लग्न में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 100 ग्राम बादाम गिरी और एक सुखा नारीयलबहते पानी में बहाए !

2.यदि दुसरे भाव में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 200 ग्राम बादाम और दो सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

3.यदि तीसरे भाव में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 300 ग्राम बादाम गिरी और तीन सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

4.यदि चौथे भाव में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 400 ग्राम बादाम गिरी और चार सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

5.यदि पांचवे घर में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 500 ग्राम बादाम गिरी और पांच सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

6.यदि छटे भाव में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 600 ग्राम बादाम गिरी और ६ सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

7.यदि सातवे भाव में सूर्य और राहू एक साथ बैठे हो तो 700 ग्राम बादाम गिरी और ७ सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

8.यदि आठवे भाव में राहू और सूर्य एक साथ बैठे हो तो 800 ग्राम बादाम गिरी और ८ सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

9.यदि नौवे भाव में सूर्य और राहू एक साथ हो तो 900 ग्राम बादाम गिरी और ९ सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

10.यदि दशवे घर में सूर्य और राहू एक साथ हो तो 1 किलो बादाम गिरी और १० सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !

11.यदि एकादश भाव में सूर्य और राहू एक साथ हो तो 1100 ग्राम बादाम गिरी और ११ सूखे नारीयल बहते पानी में बहाए !



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