अन्तर्मन जाग्रत करने का मन्त्र


मन्त्रः-
“होय विवेक, मोह भ्रम भागा ।
तब रघुनाथ चरण अनुरागा ।।”

मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभः-

कुश की जड़ की गांठ से माला बना करके प्रतिदिन १००० मन्त्रों का जप करें ।

इस मन्त्र के प्रयोग से मोह, भ्रमादि का अन्त होकर अन्तर्मन जाग जाता है ।


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