झाडू के समान भौंहे


यह भौंहे भी दो प्रकार की होती हैं पहली भौंहे आरंभ में पतली हो आखिर में बिखर जायें तथा दूसरी वे भौंहे जो आरंभ में घनी व बिखरी हो आखिर में पतली व व्यवस्थित हो जायें। यह दोनों प्रकार की भौंहों वाले लोग योजना बना भी ले तो उसे पूरा नहीं कर पाते हैं।

जिनकी भौंहे अंत में बिखर जायें वो शुरू का काम तो ठीक करते हैं अंत में ढीले पड़ जाते हैं। 30 से 40 वर्ष का आयु भाग अशुभ व संघर्षमय होता है। आर्थिक हानि होती है। शारीरिक चोट एक्सीडेंट या आपरेशन आदि घटनायें कष्टदायी होती है। यदि भौंहे आरंभ में घनी हो तो काम आवेश, क्रोध में खराब कर बैठते हैं। यदि ये भौंहे काली व सघन हो तो पुलिस या सेना में नाम कमाता है। यदि मुख पर नासिका, ठोढ़ी आदि शुभ लक्षण हो तो राजनीति व सेना में जातक नाम कमाता है।


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