हथेली देखिए और जानिए आपके कितने और कैसे बच्चे होंगे?


सभी जानना चाहते हैं कि आने वाले कल में क्या होने वाला है और इस जिज्ञासा की शांति के लिए ज्योतिष सर्वश्रेष्ठ उपाय है। ज्योतिष के माध्यम से भविष्य में होने वाली घटनाओं की संभावित जानकारी प्राप्त हो जाती है। जीवन में व्यक्ति को कब क्या मिलेगा, ज्योतिष बता देता है। भविष्य जानने के लिए ज्योतिष में कई विधाएं बताई गई हैं, इनमें से एक है हस्तरेखा ज्योतिष।

यदि ये रेखाएं टूटी हुई या कटी हुई हों तो इसका मतलब यही है कि संतान पर कुछ बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

जिन लोगों की हथेली में संतान रेखाएं लहरदार हो या इन रेखाओं पर कोई बिंदू या द्विप हो तो उनकी संतान दोषयुक्त हो सकती है।

यदि संतान रेखा एकदम साफ, स्पष्ट और सीधी हों तो संतान सर्वगुण संपन्न रहती है। ऐसी रेखा वाले लोगों की संतान माता-पिता का सम्मान करने वाली होती है।

किसी व्यक्ति की संतान रेखा भद्दी, अस्पष्ट हो तो संतान दुखी रहती है। जिन लोगों के हाथों में ऐसी संतान रेखा होती है उन्हें संतान से काफी कष्ट मिलता है।

यदि संतान रेखा के अंत में कोई द्विप जैसा निशान हो तो संतान रोगी होने की संभावनाएं अधिक रहती हैं।

यदि संतान रेखा विवाह रेखा को काटती हुई दिखाई देती है तो संतान के आचरणहीन, माता-पिता को कष्ट देने वाले योग बनते हैं।

हस्तरेखा ज्योतिष में हाथों की रेखाओं से भविष्य देखा जाता है। ये रेखाएं भूत-भविष्य और वर्तमान का सटिक चित्रण कर सकती हैं। वैसे तो हाथों में कई रेखाएं होती हैं और इस सभी का अलग-अलग महत्व होता है। किसी भी व्यक्ति को विवाह के बाद संतान के विषय में जानने की इच्छा रहती है। इस इच्छा की पूर्ति के लिए हम अपने हाथों में संतान रेखा को ध्यान से देखें तो काफी कुछ जानकारी प्राप्त हो सकती है।

कहां होती हैं संतान रेखा- हथेली में सबसे छोटी अंगुली के नीचे बुध पर्वत होता है। बुध पर्वत पर ही हथेली के अंत में विवाह रेखा रहती हैं। विवाह रेखा (विवाह रेखा से संबंधित जानकारी पूर्व में प्रकाशित की जा चुकी है।) के पास ही खड़ी रेखाएं दिखाई देती हैं जिन्हें संतान रेखा कहा जाता है।

विवाह रेखा आड़ी होती हैं जबकि संतान रेखा खड़ी होती हैं। यहां जितनी रेखाएं होती हैं व्यक्ति को उतनी ही संतान प्राप्ति के योग होते हैं।




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