शुक्र पर्वत के सामान्य लक्षण


हथेली पर अंगूठे के आधार पर स्थित पर्वत, शुक्र पर्वत कहलाता है। यह अनुग्रह, आकर्षण, वासना और सौंदर्य की उपस्थिति या अनुपस्थिति को दर्शाता है। यह  प्रेम और साहचर्य  की इच्छा और सौंदर्य की  हर रूप में पूजा करने को भी दर्शाता है। अति विकसित शुक्र पर्वत लोगो को सुन्दर और विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षित करता है।

विशिष्ट शुक्र पर्वत वाले व्यक्ति को सौंदर्य बोध और सौंदर्य शास्त्र का ज्ञान होता है। यह लोग सौंदर्य की खोज मे प्रसन्नता से जीवन जीते हैं। यद्यपि बुरे समय मे भी ऐसे व्यक्ति दयालु, सहानुभूति और उदार होते हैं। यह  लोग क्षमाशील प्रकृति एवं प्रेम से युक्त और कामुकता के लिये प्रेरित रहते हैं ।

ये लोग मेहमाननवाज और उदार होते हैं और अपने मित्रों का मनोरंजन करना पसंद करते है। यह अच्छी पोशाकों के साथ अच्छे स्वाद की पसंद और नापसंद को भी खुल कर दर्शाते है। यह स्पष्टवादी होते हैं और क्रोध में आवेगी भी हो जाते हैं।

शुक्र पर्वत की ऊँचाई | Elevation of Shukra Parvat


हाथ पर विकसित शुक्र पर्वत उत्कृष्ट संकेत है कि व्यक्ति चुंबकीय व्यक्तित्व का होगा। और यह विपरीत सेक्स के बीच लोकप्रिय होते हैं। ऐसे लोगों में जिज्ञासु  शक्ति हावी होती है लेकिन जब यह  किसी से प्यार करते हैं तो उनकी गुलामी भी कर सकते हैं।

हाथ पर अति विकसित शुक्र पर्वत व्यक्ति मे इन्द्रिय सुख को बढाता है। ऐसे लोग प्रेम संबंधों में स्वार्थी होते हैं और सदैव शारीरिक सुख की इच्छा रखते हैं।

कम विकसित शुक्र पर्वत व्यक्ति मे सौंदर्य की भावना की कमी को दर्शाता है। ऐसे लोग सुस्त और कठोर हो जाते है। वह कोई भावना से प्रभावित नही होते हैं।

शुक्र पर्वत का शीर्ष | Apex of Shukra Parvat


शुक्र पर्वत के शिखर के झुकाव के लक्षण चंद्र पर्वत के समान हैं। यदि पर्वत के शिखर का झुकाव अंगूठे की ओर हो तो व्यक्ति अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये अग्रसर रहता है। जब इसके शिखर का झुकाव शुक्र पर्वत की ओर हो तो व्यक्ति को संगीत, कला, रंगमंच मे झुकाव रहता है। यदि इसकी उपस्थित मणिबंध की ओर हो तो व्यक्ति को यात्राओं का शौकीन होता है परन्तु उसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं  का सामना करना पड़ सकता है।





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