अर्थराइटिस और सेक्‍स संबंध


अर्थराइटिस बेहद तकलीफदेह बीमारी है। इसका दर्द हिलने-डुलने भी नहीं देता। जोड़ों का यह दर्द मरीज के शारीरिक क्रियाकलाप भी बेहद सीमित हो जाते हैं। इसके साथ ही इसका असर आपकी सेक्‍स लाइफ पर भी पड़ने लगता है। और यह सिर्फ कहने की बात ही नहीं है। जरा सोचिए कि असहनीय दर्द के बीच कुछ लोगों के लिए हिलना-डुलना या शारीरिक हरकतें करना किस हद तक मुश्किल हो सकता है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि अर्थराइटिस कहीं न कहीं सेक्‍स लाइफ पर नकारात्‍मक असर डालता ही है। अर्थराइटिस में जोड़ों में सूजन और दर्द रहता है। यह असहयनीय दर्द किसी का भी जीवन बेहद मुश्किल बना सकता है। यह दर्द काफी समय तक रह सकता है। इसका असर मरीज की सेहत पर भी पड़ता है और नतीजतन उसका वजन कम हो सकता है। उसे बुखार या अन्‍य कई छोटी-मोटी बीमारियां भी हो सकती हैं।
 
अर्थराइटिस के वे प्रभाव जिनके चलते मरीज की सेक्‍स लाइफ पर असर पड़ता है- 
  • संभोग के दौरान दर्द का डर 
  • तकलीफ 
  • दर्द में इजाफा होने का डर
सेक्‍स को हमेशा इस नजर से देखा जाना चाहिए कि यह आपको दर्द से निजात दिलाएगा न कि आपको पीड़ा का अहसास कराए। इसलिए वे लोग जो अपनी सेक्‍स लाइफ को सिर्फ दर्द के डर से एन्‍जॉय नहीं करते हैं, उन्‍हें इसे सकारात्‍मक रूप में लेना चाहिए। आपको दर्द की संभावना के बावजूद इसका आनंद उठाना चाहिए। हालांकि, इसमें आपको कुछ ऐसी मुद्राएं अपनानी चाहिए जिससे दर्द कम होने की संभावना हो।
 
नाजुक, प्‍यास से और रचनात्‍मक सेक्‍स आपके दर्द को कम कर सकता है। संभोग के बाद एंडोर्फिन रिलीज होते हैं। यह शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक हैं जो आपको आपके अर्थराइटिस के दर्द से घंटों तक निजात दिला सकते हैं। 
 
यह तो हम जानते ही हैं कि अर्थराइटिस के साथ रहना और उसका इलाज आपकी सेक्‍स लाइफ पर विपरीत प्रभाव डालता है। अर्थराइटिस से होने वाला दर्द व्‍यक्ति के दिलो-दिमाग पर गहरा असर डालता है। आप अर्थराइटिस का जो भी इलाज इस बात को जेहन में रखकर ही करवाएं कि वह आपकी सेक्‍स लाइफ के आड़े न आए। कई लोग गर्म पानी से नहाना या शॉवर लेना या फिर गर्म पानी के टब में बैठने को दर्द से निजात का रास्‍ता मानते हैं। इसे भी आजमाकर देखा जा सकता है।
 
मानसिक तकलीफ आपकी सेक्‍स लाइफ पर भी असर डालती है। सेक्‍स के दौरान अर्थराइटिस के मरीज को कई बार बेहद नाजुक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि बीमारी के चलते उनका शरीर पहले ही भीतर से काफी कमजोर हो चुका होता है। यह भी अपने साथी के साथ संभोग करने में आड़े आ सकता है।


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