बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसार्डर और सेक्स


बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर एक दिमागी बीमारी है, जिसमें दिमाग काम करना बंद कर देता है और व्यक्ति अपनी शख्सियत भूल जाता है। इस बीमारी से ग्रस्त आदमी की दिमागी स्थिति ऐसी हो जाती है कि वह अपने व्यक्तिगत संबंधों को अपने आवेश से जोडने लगता है। अचानक गुस्सा आना, बिना किसी कारण के चिडचिडा होना, आपा खो देना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।  इस बीमारी से ग्रस्त लोग सेक्स को लेकर बहुत ही उहापोह की स्थिति में रहते हैं। कहीं किसी से कोई गहरा रिश्ता न बन जाए या कोई रिश्ता कच्चा‍ न हो। इस स्थिति में अक्सर ऐसे लोग या तो अपने-आप को शारीरिक नुकसान पहुंचाते हैं या फिर अपने से जुडे लोगों को। बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर से ग्रस्त लोगों का उनकी सेक्स लाइफ पर बहुत गहरा प्रभाव पडता है क्योंकि इस बीमारी में आदमी की भावनाएं ज्यादा प्रभावी नहीं होती हैं।

बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर और सेक्स –

सेक्स के प्रति नकारात्मक सोच -
बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर से पीडित व्यक्ति की सेक्स के प्रति सोच हमेशा ही नकारात्मक होती है। पार्टनर के साथ सेक्स के दौरान भी उनका व्यवहार नकारात्मक ही होता है। बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर से ग्रस्त महिलाओं का सेक्स की भावना के प्रति मिली-जुली सोच होती है। उनको हमेशा सेक्स के दौरान यह महसूस होता है कि उनका पार्टनर उन पर दबाव डाल रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि उनके पारस्परिक संबंधों में हमेशा तनाव रहता है, साथी के साथ अक्सर लडाई होने से उनके अंदर यह विचार आते हैं।


सेक्स के प्रति लापरवाही -  
बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर में आदमी सेक्स के दौरान उनका व्यवहार ज्यादा आवेग वाला होता है। सेक्स के दौरान इनका व्यवहार लापरवाह होना एकदम से सामान्य बात है। बीपीडी से ग्रस्त व्यक्ति के मन में सेक्स के दौरान उदासी, पार्टनर के साथ ईर्ष्या की भावना, अपने को दुखी दिखाना, हमेशा डर में रहना और सकारात्मक भावना प्रकट करने जैसी स्थिति दिखती है।


अयोग्य समझना –
बॉर्डरलाइन पसनालिटी डिसार्डर से ग्रस्त आदमी अपने को अयोग्य समझता है। उसको ऐसा लगता है कि लोगों का बर्ताव उसके प्रति अच्छा नहीं है। इनके अंदर भावुक विचार नहीं पनपते हैं। ऐसे लोग हमेशा अपने को सेक्स के प्रति अयोग्य समझते हैं। सेक्स को लेकर उनकी रुचि बहुत कम होती है। इस बीमारी से ग्रस्त लोग अपने पार्टनर के साथ अच्छे से व्‍यवहार नहीं कर पाते हैं।


भावनाओं में बदलाव –
बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर से ग्रस्त व्यक्ति में भावनाओं का कोई स्थान नहीं होता है। इनकी भावनाएं हमेशा बदलती रहती हैं। आदमी अपने एहसासों को पहचान नहीं पाता है। सेक्स के दौरान अपने पार्टनर की भावनाओं को बिलकुल नहीं समझते हैं। सेक्स के प्रति इनकी सोच एकदम से संकीर्ण होती है।

जंगली तरीके से सेक्स करना -
बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर से ग्रस्त वयक्ति अक्सर अपने पार्टनर के साथ जंगली तरीके से सेक्स करता है। इस प्रकार के सेक्स करने का कारण यह होता कि वह अपनी और पार्टनर की भावनाओं को बिलकुल नजरअंदाज करता है। इसकी वजह से  सेक्स के दौरान अक्सर पार्टनर को चोट भी लग जाती है। इसमें सेक्स के नियम का पालन नहीं हो पाता है ।


बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर से ग्रस्त आदमी हमेशा अपने-आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। शराब पीना, मादक पादार्थों का सेवन करना, लापरवाही से गाडी चलाने जैसी हरकतें सामान्य हो जाती हैं। व्यक्ति हमेशा अपने आप को खाली-खाली महसूस करता है और गुस्से पर नियंत्रण नहीं कर पाता है।



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