मलेरिया के लिए घरेलू इलाजा


इस बुखार में कुनने संबंधित औषधि एलोपैथी में भी है किन्तु इसके सेवन से अत्यधिक गर्मीं बढ़ जाती है और पीलिया तक होने की संभावना रहती है। आयुर्वेंद में इसकी रामबाण औषधि निम्न है

औषधि: 1। नाय घास (दमजरी यह एक ऐसी घांस है जिसका पौधा 8-10 इन्च ऊँचा होता है तथा कडुवा होने के कारण इसे जानवर भी नहीं खाते। इसका काढ़ा बनाने के लिए 250 ग्राम पानी में 10 ग्राम नायघास डालकर धीमी आँच में पकाएँ। 50 ग्राम शेष रहने पर भोजन के पूर्व छानकर पीना चाहिए तुरन्त इलायची सौंंप के साथ पुन:। पानी पीना चाहिए।

2.नायघास, चिरायता, नीम की छाल और गलोय (गुरुचि, गुरमें) सभी को समान मात्रा में लेकर कूट-पीस छान कर 10 ग्राम औषधि को उक्तानुसार काढ़ा बनाकर सेवन करें। इसे इकतरा, द्वितीयक मलेरिया ज्वर भी नित्य औषधि के सेवन करने से एक सप्ताह में जाता है रोग समाप्त हो।


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