सूखे और फटे पैरों के इलाज के लिए नुस्ख़े




पैरों की त्वचा आम तौर पर शुष्क होती है क्योकि पैरों में तेल ग्रंथियाँ नहीं होती ।  दरअसल यह कई हजारों पसीने की ग्रंथियों पर निर्भर करता है और,उन लोगों  के लिये यह परिस्थिति और भी गंभीर होती है, जो लोग मधुमेह की दवा लेते हैं या जिनके एथलीट फुट – जिसमे  सूखे पैर होते हैं या जो अपने पैरों की उचित देखभाल नहीं करते हैं।
सूखे पैरों के लक्षण
सूखे पैर एक समस्या है ।  जिस व्यक्ति के सूखे पैर होते हैं वे ये लक्षण अनुभव कर सकते हैं, जैसे परतदार त्वचा,पैर में दरारें, खुजली ,चकत्ते ,त्वचा में लालिमा, चकत्ते में दरारें।
सूखे पैरों  का कारण
जब पैरों में  उचित नमी  ना हो, तब भारी सूखापन हो जाता है। सूखे पैरों  के कुछ और आम कारणो में शामिल हैं।
    १  कठोर साबुन का प्रयोग
     २ गर्म पानी में भिगोना या लंबे समय के लिए पैरों को उसमें रखना
     ३ अतिरिक्त गर्म फुहारे से नहाना
    ४  ठंड का मौसम
     ५ कुछ त्वचा रोग जैसे सोरायसिस, एक्जिमा आदि
    ६  चिकित्सकीय दशा जैसे थायराइड की बीमारी या मधुमेह का रोग ।
    ७ धूप में ज्यादा रहना।
   ८  बुढ़ापे में उम्र बढ़ने के साथ पैरों में सूखापन होता है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ हमारी त्वचा में मॉइस्चर कम होता जाता है।
सूखे फटे पैरों के लिए घरेलू उपचार

सूखे पैरों के इलाज के लिए घरेलू उपचार नीचे दिए गए हैं, परन्तु उन्हें प्रयास करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें ।
मॉइस्चराइज़र

सूखे पैरों की समस्या से निपटने के लिए रोज़ाना मॉइस्चराइज़र लगाना एक अच्छा विचार है। एक हल्का मॉइस्चराइज़र खरीद कर,एक दिन में कम से कम दो बार लगाने का प्रयास करें।
नींबू का रस

एक नींबू को  निचोड़कर आधी  बाल्टी पानी में डालें । 10 मिनट के लिए नींबू के पानी में अपने पैर भिगोयें ।  नींबू के अम्लीय गुण पैरों से अधिक मृत और परतदार त्वचा हटाने  में मदद करते हैं, इससे मृत त्वचा को हटाने के लिए आसानी हो जाएगी । अपने पैरों को भिगोने के बाद नरम ब्रश या लूफै़ण से रगड़ें ।
जैतून का तेल

एक बोतल में आधा कप जैतून का तेल और आधा कप लैवेंडर का तेल डालें और अच्छी तरह से तब तक हिलायें, जब तक वह गाढ़ा  नहीं हो जाता। यह मिश्रण दरारों को हटाने वाले क्रीम के रूप इस्तेमाल करें । जब भी पैर सूखे लगें, इस मिश्रण को एड़ी पर क्रीम की तरह लगायें  । हर बार अच्छी तरह से हिलाकर लगायें ।
वनस्पति तेल

स्नान के बाद पैरों पर वनस्पति तेल लगाने की आदत बनाएं। तेल लगाने के बाद एक जोड़ी मोटे मोज़े पहनें । रात में यह उपाय करने से  पैरों की दरारों के साथ-साथ  सूखापन भी कम करने में मदद मिलेगी।
वैसलीन

वैसलीन को सूखे पैरों पर उन्हें नम रखने के लिए सीधे ही लगायें  । वैकल्पिक रूप से आप नींबू के रस के एक भाग को वैसलीन के एक भाग से मिलाकर   लगा सकते हैं। इस मिश्रण को लगाने से पहले अपने पैरों को धो लें और पोंछ लें । इसे पूरे पैरों पर खासकर फटे  क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर लगायें और एक जोड़ी कपास के मोज़े पहनें । यह उपाय अगर आप बिस्तर पर जाने से पहले करेंगे तो सूखे  पैरों के इलाज में प्रभावी होगा ।


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