स्त्री के स्तनों (कुच) को संकोचन करना


1. कटेरी: छोटी कटेरी -बड़ी कटेरी की जड़े, फदूंरी की जड़, अनार का बकला (छाल) और मौलश्री की छाल को पीसकर स्तनों (कुचों) पर लेप करने से कुच कठोर हो जाते हैं।

2. बरगद: बरगद की नई कोमल बरोहें को लाल-लाल पानी में पीसकर स्तनों पर लेप करने से कुच कठोर हो जाते हैं।

3. अनार: अनार की छाल (बकले) लगभग 1 किलो और माजूफल 125 ग्राम को लगभग 2 लीटर पानी में डालकर पकायें जब पानी आधा बच जाये तब इसे छानकर रख लें, फिर इसी में 125 मिलीलीटर तिल्ली का तेल डालकर पकाकर आधा करके स्तनों पर लेप करने से स्तन कठोर होते हैं।

4. गिजाई: गिजाई, नमक और मुल्तानी मिट्टी को मिलाकर डालकर रख दें, फिर इसी मिट्टी को कुचों (स्तनों) के ऊपर से लेप करने से स्तन कठोर होते हैं।

5. मोचरस: मोचरस को पानी में मिलाकर कुचों (स्तनों) पर लगाने से कुच सख्त होते जाते हैं।

6. धतूरा: धतूरे के पत्तों पर एरण्ड का तेल गर्म-गर्म करके स्तनों के दर्द वाले भाग पर बांधने से दर्द कम होता है और स्तन कठोर हो जाते हैं।

7. लहसुन: स्तनों का ढीलापन दूर करने के लिए नियमित रूप से लहसुन की 4 कली खाते रहने से स्तन उभरकर तन जाते हैं।

8. छुई-मुई: छुई-मुई और असगंधा की जड़ को पीसकर लेप बना लें और स्तनों पर लगायें। इससे स्तनों का ढीलापन खत्म होकर कठोर और मोटे होते हैं।

9. बबूल: बबूल की फलियों के चेंप से किसी कपड़े को गीला करके, सुखा लें। इस कपड़े को बांधने से ढीले स्तन कठोर हो जाते हैं।

सावधानी:

ध्यान रहें कि इसका प्रयोग बच्चे वाली माता को नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे दूध के सूखने का डर रहता है।


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