त्वचा की फुन्सियां


परिचय :-

त्वचा पर फोड़े फुन्सियां होती रहती हैं जो त्वचा की एक आम रोग है। त्वचा पर फोड़े-फुन्सी के साथ खुजली होती है लेकिन बिना फोड़े-फुन्सी के भी खुजली होती रहती है। त्वचा पर फोड़े फुन्सियां मुख्य रूप से चेहरे पर फुन्सियां होने, एग्जिमा होने तथा पित्ती होने पर होता है। त्वचा की उदभेद (फुन्सियां) कई प्रकार के होते हैं जिसमें कई बार खुजलाने वाली फुन्सियां होती है। इस तरह के उदभेद (फुन्सियां) होने पर होम्योपैथिक औषधि का उपयोग किया जाता है।

विभिन्न औषधियों से उपचार:

क्लोरेलम

त्वचा पर फुन्सियां होने पर क्लोरेलम औषधि की उच्च शक्ति देकर रोग को ठीक किया जाता है। त्वचा पर खसरे के दाने पड़ जाना या लाल-लाल दाने होने या पित्ती में धप्पड़ (दाने) होने पर क्लोरेलम औषधि की 1x मात्रा का उपयोग करना हितकारी होता है।

रस टॉक्स

यदि बालों वाली जगह पर फुन्सियां हो गई हो या हथेली पर फुन्सियां हो गई हो और ये फुन्सियां एक स्थान पर ठीक होने के बाद दूसरे स्थान पर हो जाते हों तो रोगी को रस टॉक्स औषधि 30 या 200 शक्ति का उपयोग करना हितकारी होता है। मलेरिया बुखार या वात रोग के साथ उत्पन्न फुन्सियों में खुजली होने पर भी रस टॉक्स औषधि का प्रयोग करना हितकारी होता है। यदि हथेली पर फुन्सियां हो और फुन्सियां ठीक होकर फिर से उसी स्थान पर हो जाए तो ऐसे लक्षण वाले फुन्सियां को ठीक करने के लिए रस टॉक्स औषधि के स्थान पर ऐनेगैलिस औषधि की 3 शक्ति का प्रयोग करने से लाभ होता है।

सार्सापैरिल्ला

मासिकधर्म के समय स्त्रियों में खुजली वाले दाने और जांघ के मोड़ में होने वाले दाने को ठीक करने के लिए सार्सापैरिल्ला औषधि की 1, 3 या 6 शक्ति का उपयोग करने से रोग ठीक होता है।



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