खसरा


परिचय-

खसरा बच्चों को होने वाला छूत का रोग है और यह रोग संक्रमण के कारण दूसरे स्वस्थ बच्चे को होता है। इसलिए खसरा रोग जब किसी बच्चे को हो जाए तो उसके पास अन्य बच्चों को नहीं आने देना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि दूसरे बच्चे को भी खसरा रोग हो जाए। खसरा का संक्रमण (वायरस) सबसे ज्यादा छोटे बच्चों में फैलता है। खसरा रोग के हो जाने के कारण रोगी के शरीर में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

खसरा रोग के लक्षण-


खसरा रोग से पीड़ित रोगी को छींके आने लगती हैं तथा उसकी नाक से पानी बहने लगता है और आंखें लाल हो जाती हैं। खसरा रोग की शुरुआती अवस्था में रोगी व्यक्ति को तेज खांसी और बुखार रहता है। जब रोगी व्यक्ति को बुखार होता है तो उसके तीसरे दिन से उसके चेहरे तथा छाती पर लाल-लाल दाने दिखाई देने लगते हैं जो 4-5 दिनों तक रहते हैं। जैसे-जैसे रोगी के चेहरे के दाने ठीक होने लगते हैं वैसे-वैसे उसकी खांसी तथा बुखार भी कम हो जाता है। इस रोग से पीड़ित रोगी को कभी-कभी निमोनिया भी हो जाता है।

खसरा रोग होने के कारण-
  • खसरा रोग बच्चों के गलत खान-पान तथा अस्वस्थ वातावरण में रहने के कारण होता है।
  • मैले कपड़े पहनने, गन्दे बिस्तर पर सोने के कारण तथा बंद कमरे में रहने के कारण खसरा रोग हो जाता है।
  • खसरा रोग से पीड़ित रोगी के द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों का इस्तेमाल करने के कारण भी यह रोग हो जाता है।

जानकारी-

ऊपर दी गई जानकारी में लापरवाही बरतने के कारण खसरा रोग के संक्रमण एक रोगी के शरीर से किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और उस स्वस्थ व्यक्ति को भी खसरा रोग हो जाता है।

खसरा रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार-
  • खसरा रोग को ठीक करने के लिए रोगी को रसाहार चीजों का अधिक सेवन करना चाहिए, जिनमें प्रमुख रूप से संतरे का रस, नींबू का रस तथा कई प्रकार के फलों के रस आदि आते हैं।
  • खसरा रोग से पीड़ित रोगी को रोग के दौरान सामान्य भोजन करना चाहिए।
  • खसरा रोग से पीड़ित रोगी को तली-भुनी, मिर्च-मसालेदार, दूषित भोजन, मिठाइयां तथा नमक नहीं खाने चाहिए।
  • खसरा रोग का इलाज करने के लिए सबसे पहले रोगी को एनिमा क्रिया करके पेट को साफ करना चाहिए। फिर पेट पर मिट्टी की पट्टी और छाती पर गीली मिट्टी की पट्टी करनी चाहिए। इसके बाद नीम के पत्तों को पानी में डालकर, पानी को गर्म करके फिर थोड़ी देर बार पानी को हल्का गुनगुना करके उस पानी से रोगी को स्नान कराना चाहिए। इससे खसरा रोग कुछ ही समय में ठीक हो जाता है।
  • मुलेठी का पाउडर शहद के साथ सेवन करने से खसरा रोग ठीक हो जाता है।
  • लौंग को पीसकर शहद के साथ सेवन करने से भी खसरे का रोग ठीक हो जाता है।
  • एक चुटकी पिसी हुई हल्दी शहद के साथ सेवन करने से रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
  • खसरा रोग से पीड़ित रोगी को अपने कमरे के दरवाजे, खिड़कियां खुले रखने चाहिए तथा कमरे में हल्की रोशनी रखनी चाहिए।
  • खसरा रोग से पीड़ित रोगी के शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए गर्म पानी की बोतल को उसके पैरों के तलवों के नीचे रखना चाहिए तथा रोगी को अधिक से अधिक आराम कराना चाहिए। यदि रोगी व्यक्ति का बुखार उतर भी जाए तो भी रोगी को लगभग एक दिन आराम करना चाहिए। इस प्रकार से रोगी का उपचार करने से कुछ ही दिनों में खसरा रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।


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