अहिपूतना


परिचय :

यह रोग बच्चों में गंदगी के कारण उत्पन होता है जिसे अहिपूतना कहते हैं। इस प्रकार के रोग में बच्चों को स्वच्छ-साफ रखना अति आवश्यक होता है। इस रोग में बच्चों के तौलिया या नैपकीन गीला या गन्दा होने पर बदलते रहें।

लक्षण : इस रोग में शिशुओं (बच्चे) की गुदा के आस-पास गंदगी के कारण खुजली होने लगती है जो खुजली युक्त दरारें या पीवयुक्त फुंसियों में बदल जाती है जिसके कारण बच्चों में अहिपूतना रोग उत्पन्न होता है।

चिकित्सा :

1. लताकरंज : लताकरंज, त्रिफला और पटोल फल को बराबर लेकर घी में मिलाकर रखें। यह मिश्रण 1 से 2 ग्राम प्रतिदिन 2 से 3 बार बच्चों को खिलाने से रोग ठीक होता है।

2. हरिद्रकन्द : हरिद्रकन्द, त्रिफला, बबूल छाल, उदूम्बर, खदिर। इनमें से किसी एक का गर्म काढ़ा बनाकर बच्चों के रोग से प्रभावित भाग को धोयें। इससे अहिपूतना रोग खत्म होता है।


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