परिचय


शरीर में अवांछित बाल न सिर्फ महिलाओं और लड़कियों के सौन्दर्य पर ग्रहण लगा देती हैं बल्कि इसके लिए उन्हें हर समय शर्मिंदगी का एहसास होता रहता है। आजकल वैक्सिंग के द्वारा अवांछित बालों को निकाला जा सकता है, लेकिन इसको निकालना बहुत आसान नहीं होता है। कुछ लड़कियों के यौवन के दहलीज पर पैर रखते ही अवांछित बालों की समस्या शुरू हो जाती है। अवांछित बाल साधारणतः चेहरा, गर्दन, छाती, पीठ, पैर के उँगली, और हाथों पर निकलता है। यह 18-45 उम्र तक महिलाओं के सौन्दर्य में ग्रहण लगाता रहता है। वैज्ञानिक रूप से इसको अतिरोमता (hirsutism) कहते हैं।

अतिरोमता होने के कुछ कारण इस प्रकार हैं-

• रक्त में पुरूष हॉर्मोन (androgens) का स्तर बढ़ जाता है

• अवांछित बालों के विकास में आनुवांशिकता भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है

• पी.सी.ओ.एस. यानि पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (सेक्स हॉर्मोन में असंतुलन) के कारण भी अतिरोमता की बीमारी हो सकती है।

वैसे तो इसका इलाज बहुत दर्द देने वाला होता है मगर प्राकृतिक तरीके से बिना दर्द के भी इसका उपचार घर पर भी किया जा सकता है।


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