मोटापे का आयुर्वेदिक उपचार


आयुर्वेद में मोटापे का उपचार आपके शरीर के प्रकार पर निर्भर करता है। यदि आप में वात टाईप के लक्षण पाये जाते है तो वात का प्यूरीफिकेशन तरीका अपनाना होता है जैसे सफाई वाले एनीमा। इसके बाद सामान्य हल्के तेलों के उपचार किया जाता है।

यदि आपमें कफ प्रवृत्ति के लक्षण पाये जाते है तो बाह्य मसाज को विभिन्न तत्वों द्वारा अंजाम दिया जाता है जिसमें अदरक व सरसों जैसे तत्व सम्मिलित होते है।

ये तत्व त्वचा के नीचे जमे हुए अतिरिक्त फेट को घटाने का कार्य करते है।

यह त्वचा का लचीलापन पुनः लाने का प्रयास करते है।


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