परिचय




मलेरिया एक वाहक-जनित संक्रामक रोग है, जो प्रोटोजोआ परजीवी द्वारा फैलता है। मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफि‍लेज मच्छर है। इसके काटने पर मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश करके बढ़ने लगते हैं। इससे एनीमिया के लक्षण उभरने लगते हैं। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सांस फूलना इत्यादि शामिल है। इसके अलावा, बुखार, सर्दी, उबकाई, और जुखाम आदि जैसे लक्षण भी परेशान करने लगते हैं। गंभीर मामलों में मरीज को बेहोशी भी आ सकती है। मलेरिया सबसे प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है तथा भंयकर जन स्वास्थ्य समस्या है।

मलेरिया में बुखार होने पर रोगी को बहुत ठंड लगती है। इस बुखार में रोगी के शरीर का ताममान 101 से 105 डिग्री फॉरेनहाइट तक बना रहता है। साथ ही मलेरिया में रोगी का लीवर बढ़ जाता है।

हालांकि, मलेरिया से बचने के लिए कुछ चमत्कारी उपाय कारगर हो सकते हैं। किसी भी चमत्कारी इलाज का सबसे बड़ा फायदा इसका हानिरहित प्रभाव होता है। अब बहुत से डॉक्टर भी मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के लिए भी एंटीबायोटिक के अलावा प्राकृतिक उपचार लेने की सलाह देने लगे हैं। लेकिन, तमाम चिकित्‍सीय प्रगति के बावजूद अभी तक हम मलेरिया को जड़ से खत्‍म करने में हम कामयाब नहीं हो पाये हैं। ऐसे में मलेरिया का इलाज कुछ चमत्कारी नुस्खों से किया जा सकता है। आइए जानें प्राकृतिक रूप से मलेरिया का इलाज कैसे किया जा सकता है।


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