मेलाटोनिन


व्‍यवहारगत समस्‍याओं से परेशान बच्‍चों में पर्याप्‍त मात्रा में मेलाटोनिन का निर्माण नहीं होता। यह मस्तिष्‍क की पिनएल ग्रंथि में होता है। यह मनुष्‍यों में सोने व उठने के चक्र को नियंत्रित करता है। इस स्राव की अनियमितता अक्‍सर इन्‍सोमनिया का कारण बन जाती है। मेलाटोनिन को दवाओं के जरिये नियंत्रित किया जा सकता है।हालांकि यह बच्‍चों के लिए सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन फिर भी जानकार दस वर्ष से कम आयु के बच्‍चों को यह दवा देने से परहेज करते हैं। बिना डॉक्‍टरी सलाह के इस तत्‍व का सेवन नहीं करना चाहिए।

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