क्या है इसकी चिकित्सा


आयुर्वेद चिकित्सा सबसे पहले होनेवाले कारणों से दूर रहने को कहता है. वैसे सभी खान-पान से बचें, जो रोग को बढ़ाते हैं. इस व्याधि में उपवास को परम औषध माना गया है. टांसिल के रोगी को गर्म जल का सेवन करना चाहिए. सोंठ मिला गर्म पानी लेने से तुरंत लाभ मिलता है. दशांग लेप एवं आममोदादि चूर्ण का लेप समान भाग मिला कर गले पर लगाने से राहत मिलती है. इसके साथ अनेकों आयुर्वेदिक औषधियां इस रोग में लाभप्रद हैं. जैसे लक्ष्मीविलास रस 2-2 गोली शुष्म पानी से लेना चाहिए. श्रृंग रामरस टैब एवं सेपनो टैब 2-2 गोली शुष्म पानी से लेने चाहिए. बच्चों में यह रोग बार-बार हो, तो कुमार कल्याण रस 1-1 गोली दो बार मधु से देना चाहिए. श्रृंगभादि चूर्ण एवं लवगांदि चूर्ण 1-1 रती तीन बार मधु से दें, लाभ मिलेगा. चमत्कारी उपाय में टांसिल सूजन को कम करने में हल्दी चूर्ण उत्तम दवा है. 1-1 चम्मच हल्दी चूर्ण शुष्म पानी से लें. टांसिलाइटिस होने पर तुरंत चिकित्सक से मिलना चाहिए.

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