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अंधविश्वास का डंक


वैज्ञानिक युग में भी अंधविश्वास की जकड़न कम नहीं हो रही। एक तांत्रिक के झांसे में आए परिवार ने शव के साथ अमानवीयता की दहलीज पार कर दी। सर्पदंश से मौत के आगोश मे पहुंची एक किशोरी की सांस लौटने की आस में शव को 16 घंटे तक गोबर में दबा दिया गया। बाद में दुर्गति व बदबू होने पर गांव वालों के विरोध से शव का जल प्रवाह किया गया।

घटना मवाना रोड कसेरुबक्सर के पास की है। एबीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के पास नन्नू बाग की रखवाली करता और परिवार के साथ यहीं रहता है। मंगलवार रात उसकी तेरह वर्षीय बेटी सरोज को सांप ने डस लिया था। नन्नू उसे लेकर सपेरों व झाड़-फूंकने वालों के पास घूमता रहा। बुधवार रात फिर भोला-भाला नन्नू एक तांत्रिक के चगुंल में आ गया। उसने किशोरी के शव को गोबर में दबा दिया और बारह घंटे तक तांत्रिक क्रिया करता रहा। गुरुवार दोपहर तक शव की दुर्गति होने पर लोगों ने इस तांत्रिक क्रिया का विरोध किया। तब कहीं जाकर शव को गोबर से निकाला गया। इसे बाद बिजनौर बैराज पर शव का गंगा में प्रवाह कर दिया गया।


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