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महिलाएं नग्न होकर चलाएं हल तो होगी बारिश


बारिश नही हो रही है क्या पानी तो नही बाँध दिया किसी ने
आज दुनिया 21वी सदी की ओर अग्रसर है इस सदी मे भारत देश की महिला सुनीता विलियम अंतरिक्ष मे 6 माह सफलतापूर्वक रहने के बाद कुशलतापूर्वक धरती प र वापिस लौट आई है जो भारत देश के लिए सम्मान की बात है परंतु खेद का विषय है की भारत जेसे विशाल देश मे आज भी अंधविश्वास क़ायम है

बरसात मे यदि बारिश न हो मौसम विशेषगयो की भविष्यवाणी सही साबित नही हो तो भारत देश के लोग अंधविश्वास का सहारा लेने को बाध्य हो जाते है मध्य प्रदेश के बेतूल ज़िले मे बारिश न होने पर ग्रामीण महिलाए रात मे नग्न होकर इस आशा के साथ इंद्र्डेव की पूजा आराधना करती है की आराधना से इंद्र देव प्रसन्न होकर बारिश करेगे और धरती मे फिर हरियाली छा जावेगी.एक जगह पर ग्रामीण मेढको की पूजा करते है की मेढको की पूजा से वरिश होगी.कही कही अंधविश्वास का आलम यह है की कही कही लोग यह कहते पाए जाते है की शादी विवाह का सीज़न है कही किसी ने बारिश को बाँध तो नही दिया है अधिक अंधविश्वासी तो यहा तक कहते पाए जाते है की किसी समय मे जब तीर कमान का प्रयोग कर बारिश करा ली जाती थी और तीर से बारिश रोक दी जाती थी जो आज भी मंत्र शक्ति से बारिश कराना और रोकना संभव है मेने जबलपुर शहर के एक समाचार पत्र मे पढ़ा है की स्थानीय ग्रामिणो का कहना है की चंद्रमा मे वलय दो दिन से है जिसके कारण अब बारिश होना मुश्किल है उनका मानना है की जब चंद्रमा प र वलय की दशा निर्मित होती है तब बारिश अपनी आख़री दौर मे होती है

उपरोकत के साथ साथ हम आख़िर किसे दोषी माने क्या अंधविश्वास प र विश्वास करे या ज्योतिषियो की भविष्यवाणी प र विश्वास करे, धरती का लगातार तापमान जिस तरह से बढ़ रहा है आज मानव जाती के सामने ग्लोबल वार्मिंग का ख़तरा बढ़ रहा है संपूर्ण मानव जीवन ख़तरे मे है जाती द्वारा प्रकृाती के संवर्धन संचालन और संधारण के साथ जो छेड़छाड़ की गई है उसके खुलकर नतीजे सामने आ रहे है कही बारिश तो कही अब बारिश ही नही हो रही है
अब मानव जाती को अंधविश्वसो को छोड़कर पर्यावरण की सुरक्षा हेतु ध्यान देना चाहिए जगह जगह झाड़ पेड़ पोधे लगाना चाहिए


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