Untitled Document

अंधविश्वास का खुल्लमखुल्ला खेल




आज जहां वैज्ञानिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति वाले कण की खोज कर भगवान के करीब पहुंच चुके हैं, वहीं पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्टेशन के समीप गोबरहिया गांव में एक बाबा द्वारा भूतों का मेला लगाकर आस्था के नाम पर अंधविश्वास का खुल्लमखुल्ला खेल खेला जा रहा है। यह मेला प्रत्येक माह पूर्णिमा के दिन लगता है। इस मेले में नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों से हजारों की संख्या में पीड़ित महिलाएं आकर बाबा के दरबार में दुआ की भीख मांगती हैं।

आस्था के नाम पर लगने वाले इस मेले में आने वाले पीड़ितों की फेहरिस्त हर बार लंबी होती जाती है। पीड़ित महिलाओं की झाड़-फूंक के बाद भूत भगाने के लिए बाबा द्वारा पेड़ में कील ठोंककर बांध दिया जाता है। वाल्मीकि नगर व्याघ्र परियोजना के अधीनस्थ गोबरहिया गांव में चार वर्ष पूर्व मिट्टी की पीड़िया बनाकर एक पीपल के पेड़ के नीचे पूजा शुरू हुई थी। धीरे-धीरे अंधविश्वास का जाल फैलता गया और धर्म के नाम पर भूतों से निजात दिलाने का ठेका इस बाबा ने ले लिया।


और पढ़ें

2017 मिर्ची फैक्ट्स.कॉम